कानून की अवहेलना करना, लोगो में बन रहा एक नया फेशन


| February 21, 2016 |  

खुले आम शराब, ढाबे बने बियर बार, अवैद्य कोचिंग सरकारी कर्मचारी ले रहा टयूशन
सिरोही जिला पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह चौहान एवं अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमति डॉ प्रेरणा शेखावत की मुस्तैदी से गत महिनों कुछ हत्याकांडों के पर्दाफाश व मादक पदार्थाे की बरामदगी में भले ही भारी सफलता मिली हो, लेकिन जिला मुख्यालय सहित जिले के सार्वजनिक स्थानों पर बस स्टेंड,राजकीय चिकित्सालय, विभिन्न सरकारी दफ्तरों, शराब की दुकानों के भीतर एवं राष्ट्रीय राजमार्गाे के किनारे बने वेद्य-अवैद्य ढाबों पर खुले आम शराब के शौकीन अपना शौक पुरा करते जन साधारण को भी परेशान करने से नही बाज आते है।

स्थानीय अंबेडकर सर्किल से रामझरोखा मंदिर के पीछे व सिरोही बस स्टेंड के चारों तरफ रात्रि में शराबियों की महफीले जमती है। वहीं सारणेश्वर लाईब्रेरी,सुभाष पार्क,गांधीपार्कआयुर्वेदिक चौराहा, निडोरा तालाब, मातर माताजी की पहाडियों, फोरलेन हाईवे ब्रिज तथा गोयली चौराहा पर शराबियों की मौज है साथ ही राजमाता धर्मशाला रोड पर रात्रि आठ बजे के बाद बेजिजक आबकारी कानूनों व पुलिस प्रशासन की धज्जियां उडाते हुए शराब बिकती है।

जिले में कभी भी पुलिस के उच्चाधिकारी अपना दौरा करते है, तो उनकी बैठकों में निर्देश होते है कि होटलों व गेस्ट हाऊसों में आईडी पु्रफ लिया जाए और अगर किसी किरायेदार को मकान देना है तो उसकी सूचना पुलिस थाने में दी जाए,अगर कोई बाहरी व्यक्ति व्यवसाय के लिए आता है तो उसकी सूचना भी पुलिस थाने मे दी जाये,लेकिन ये सभी आदेश व निर्देश कागजी रस्म अदायगी बन जाते है, जबकि जिले के अनैक होटल व गेस्ट हाऊसों का मालिक कोई है और चलाता कोई ओर है और चलाने वाले की ही सूचना थाने मे दर्ज नही है,तो वो बाहरी व संदिग्ध आचरण के तत्वों की शिनाख्ती अनेक स्थानों पर बगैर प्रमाण के कमरा देकर पूरी की जाती है और कई मौकों पर संदिग्ध व्यक्ति अपराध कर बच निकलता है।

जिले में कोचिंग सेंटरों की आड में कुकरमुत्तों की तरह उग रहें कोचिंग सेंटरों का ना तो कहीं पंजीयन है ना ही जिला शिक्षा अधिकारी से रजिस्टे्रशन है,लेकिन छात्र-छात्राओं से हजारों रूपये अवैद्य ऊगाई कर कोचिंग सेंटर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड करते हुए आर्थिक नुकसान देकर भाग जाते है। पिछले दिनों शाहजी की वाडी जय श्रीराम कोचिंग सेंटर के कारनामों के शिकार विद्यार्थी हुए।

वहीं जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों का भविष्य भले ही अंधकारमय हो,लेकिन टयूशनखोर सरकारी शिक्षकों द्वारा अपने घरों व किराये के मकानों में टयूशनखोरी एक उद्योग बन चुका है,जिसमें विद्यार्थी पिस रहें है,लेकिन प्रशासन व कानून आंख मूंद के बैठा है। जिले में प्लेसमेंट एजेन्सियों की भी बाढ आ चुकी है, जो विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी मुहैया करवाती है,जिसमें कर्मचारी का मूल वेतन मे से 1000 से लेकर 1500 रूपयों की कटौति होती है तथा अनेक प्लेसमेन्ट एजेन्सियों का आचरण मे भी संदिग्ध है तथा वेतन मामलों में भी फर्जीवाडा होता है।

जिले के अनेक देवालयों व जैन मंदिरों में बडे-बडे आयोजन होते है,जिसमें मुम्बई, गुजरात व बाहर से निजी ठेकेदार विभिन्न कार्याे के लिए कर्मचारियों को लगाते है,जो टेंट, कैटरिंग , गाना बजाना, सुरक्षा व्यवस्था आदि अनेक मामलों के नाम बेरोजगारों को रोजगार के नाम पर अनेक नामों के नाम पर लेकर आते है, उनका भी पंजीयन व जानकारी पुलिस थानों में नही दी जाती व निजी ठेकेदार बेरोजगारों का वेतन व महेनताना व किराया भी हडप लेते है, एैसे ही मामले में बीती रात्रि चितलवाना नगर से श्री शत्रुंजय महातीर्थी यात्रा संघ के समापन के बाद करीब 15 व्यक्ति सिरोही बस स्टेंड अपने गणत्वय की और जाने के लिए पहुंचे,लेकिन ठेकेदार ने अपने कर्मचारियों को भुगतान नही दिया और बस स्टेंड पर ही मार पिटाई करने लगा,जिसको कुछ लोगों ने बीच बचाव कर छुडाया व पुलिस थाने में इत्तला देने के पौने घंटे बाद पुलिस की गाडी वहां पहुंची और मारपीट करते युवकों को पुलिस की गाडी मे बिठा थाने में ले गई व धारा 151 में दो जनों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया।

संवादाता
हरीश दवे, सिरोही

 

 

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