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फील्ड में जाकर विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्थाएं देखें
शिक्षा राज्य मंत्री ने शिक्षा एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया कि जिले में केवल शिक्षण व्यवस्था में ही नहीं अपितु सरकार के समस्त जन कल्याण कार्यक्रमों को गति देकर जरूरत मंद व्यक्ति को लाभान्वित करने के लिए अधिकारियों एवं कार्मिकों को फील्ड में जाकर काम करना होगा। उन्होंने जिला शिक्षाधिकारी, लॉक शिक्षाधिकारी एवं जिला प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि वे सरकार एवं जन प्रतिनिधियों की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को आगे बढ़ायें।
उन्होंने एकीकरण के लम्बित प्रकरणों को आगामी एक सप्ताह में निस्तारित करने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार की नीतियों का पालन होना चाहिए। उन्होंने जिला शिक्षाधिकारी एवं अतिरिक्त जिला शिक्षाधिकारियों से जिले की राजकीय स्कूलों में आगामी सत्र में नामांकन बढ़ाने के लिए अभी से ही रणनीति तैयार करने को कहा।
प्रो.देवनानी ने कहा कि जिले में अच्छी शिक्षण व्यवस्था का संचालन मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। हर लॉक के प्रधानाचार्यों की बैठक लेकर विद्यालय प्रबन्धन समितियों को सक्रिय किया जाना चाहिए, जिससे कि नामांकन में इजाफा हो सके। उन्होंने विद्यालयों के चार दीवारी के काम में मनरेगा में लेकर कराने का सुझाव भी दिया।
आदर्श विद्यालयों की अवधारणा विकसित कर स्कूल शिक्षा प्रबन्धन को गुणकारी बनाया जायेगा
शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा को विद्यार्थियों की जरूरत और प्रतिभा के मुताबिक स्कूल शिक्षा प्रबन्धन के लिए नई नीतियां ला रही है। इसके तहत आदर्श विद्यालयों की अवधारणा को चरणबद्घ तरीके से विकसित कर आगामी 3 वर्षाें में राज्य के सभी विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्थाओं की कमियों को पूरा कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस सत्र से ही शिक्षा प्रबन्धन में गुणवत्ता लाने के लिए 12 हजार व्याख्याताओं के पदों को भरने की कार्यवाही की जा रही है।
उन्होंने आगामी सत्र में विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए ''घर-घर स्कूल चलोÓÓ अभियान आयोजित करने के निर्देश दिये और बताया कि सरकार ने यह निर्णय लिया है कि विद्यालयों में शिशु वाटिका बनाई जायेगी। आगामी वर्षाें में राजकीय स्कूलों में एल.के.जी. और एचकेजी कक्षा खोलने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति के लिए बायो मैट्रिक अटेंडेन्स पद्घति शुरू की जायेगी। जर्जर विद्यालय के भवनों की स्थिति की जानकारी ली और कहा कि नामांकन बढ़ाने की जिम्मेदारी अब शिक्षक की होगी। आगामी 30 जून से पूर्व सभी विद्यालयों में शौचालय, पानी, बिजली की सुविधाएं पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। विद्यालय फीस निर्धारण, मान्यता प्राप्त विद्यालयों की स्थिति, कस्तूरबा व शारदे छात्रावासों के प्रबन्धन, संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों, रमसा सहित तकनीकी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विधायक जगसीराम कोली ने शिक्षा व्यवस्था सुधारने, विद्यालयों के निरीक्षण प्रबन्धन को मजबूत बनाने की बात कही। विधायक समाराम गरासिया एवं लुम्बाराम चौधरी ने जिले में शिक्षण व्यवस्थाओं को ईमानदारी से संचालित कर सरकार के आदेशों की पालना की आवश्यकता जाहिर की । जिला प्रमुख श्रीमती पायल परसरामपुरिया ने जिले की स्कूलों में पेयजल के पर्याप्त प्रबन्ध करने के निर्देश दिये।
जिला कलटर वी.सरवन कुमार ने जिले में शिक्षण प्रबन्धन के बारे में जानकारी दी और आगामी सत्र में विद्यालय में नामांकन बढ़ाने के लिए पर्याप्त प्रयास करने को कहा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक समीर कुमार सिंह अतिरिक्त जिला कलटर प्रहलाद सहाय नागा, उपखंड अधिकारी ओम प्रकाश विश्नोई सहित शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी मौजूद थे। इससे पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री ने कलेट्रेट परिसर में नागरिकों की समस्याएं भी सुनीं।
साथ में है विधायक जगसीराम कोली, समाराम गरासिया व जिला प्रमुख श्रीमती पायल परसरामपुरिया।
सिरोही 26 अप्रेल। शिक्षा राज्य मंत्री प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा प्रो. वासुदेव देवनानी ने आज आबूरोड में रमसा के तहत 35.50 लाख रूपये की लागत से निर्मित शारदे बालिका छात्रावास का फीता काटकर उद्घाटन किया और नागरिकों की समस्याओं को सुना।
इस अवसर पर जिला प्रमुख श्रीमती पायल परसरामपुरिया, जिला कलटर वी.सरवन कुमार, जिला शिक्षाधिकारी सैयद ए सैयद सहित नागरिक मौजूद थे।