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आदिवासी महिलाओ ने रेली निकाल किया महिला शक्ति का प्रदर्शन: आबूरोड

आदिवासी महिलाओ ने रेली निकाल किया महिला शक्ति का प्रदर्शन: आबूरोड

नारी शक्ति आदिवासी महिला संघ द्वारा रेली निकाल महिला शक्ति का प्रदर्शन किया गया। शनिवार की सुबह नारी शक्ति आदिवासी महिला संघ , एम पावर व प्रदान स्वयं सेवी महिला संगठन के नेतृत्व मे आबूरोड पंचायत की समस्त आदिवासी महिलाओ द्वारा रेली निकाली गई। रेली को दो भागो मे बांटा गया, पहले भाग मे भाखर क्षेत्र की महिलाओ द्वारा लुनियापुरा दरगाह से रेली प्रारंभ कि गई, दूसरे भाग मे मावल, सांतपुर, जाम्बूडी, सियावा, सूरपगला, भेसासिंह, वासडा, मृगथला, गिरवर, दानबोर सहित अन्य पंचायतो से आई महिलाओ ने सांतपुर स्कूल के बहार से रेली निकाली। रेली शहर के मुख्य मार्गो से होती हुई कृषि मंडी पहुंची। रेली मे महिलाओ ने अपने हाथो मे नारी शक्ति, भू्रण हत्या, नारी शिक्षा सहित अन्य स्लोगन लिखी तख्तीया व नारी शक्ति के नारे लगाते हुये निकली। महिलाओं में जागृति से मजबूत होगा देश व राज्य : देवासी - महिला मेला में उमड़ी हजारो आदिवासी महिलाएं आबूरोड। गोपालन डेयरी व पशु पालन के राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री व जिला प्रमुख पद पर महिला है। दोनों अपना उत्तरदायित्व व जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है। कार्यक्रम में बड़ी तादात में महिलाओं की मौजूदगी पर खुशी व्यक्त करते हुए देवासी ने कहा कि कार्यक्रम गंगा-जमना व सरस्वती के संगम का पर्याय है। यह नारी शाक्ति का संगम है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा बच्चों की मृत्यु दर में कम लाने की है। वह शनिवार को कृषि उपज मंडी परिसर में नारी शक्ति महिला संघ व भाखर महिला विकास संघ के तत्वावधान में आयोजित महिला मेले को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे में महिलाओं को जागृत करने की जरुरत है। महिलाओं को समूह बनाकर परिवार का लालन-पोषण करले की जानकारी दी जाती है। महिलाएं समूह बनाकर कार्य करती हैं। इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर होते रहने चाहिए। महिला समूह की हर माह बैठक होती है। महिलाएं मजदूरी बचाकर सहयोग करती है। क्षेत्र् महिलाओं में जागृति आ रही है। नारी शक्ति स्वरुपा है। ऐसे में महिलाओं को और अधिक मजबूत करने के प्रयासों की जरुरत है। जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया ने कहा कि वनवासी महिलाओं द्वारा अपनी भाषा में मंच संचालन करना व कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देना प्रशंसनीय है। वनवासी महिलाएं जागृत है। ऐसे में शिक्षित महिलाओं को भी इनसे सीखने की जरुरत है। साथ ही महिलाओं में आत्मविश्वास की जरुरत है। मेला में बड़ी तादात में महिलाओं की मौजूदगी महिला सशक्तिकरण का अनुपम उदाहरण है। 530 समूह यहां मौजूद है। सात हजार महिलाएं जुड़ी है। आने वाले दिनों में पांच सौ महिला समूह बनने जा रहे है। विधायक जगसीराम कोली ने कहा कि महिला समूह को किसी प्रकार की परेशानी होने पर उसका तत्काल निवारण किया जाएगा। महिला मेले में महिलाओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इससे पूर्व महिलाओं द्वारा शहर के मुख्य मार्गो से रैली निकाली गई। महिला मेले के दौरान वनवासी महिलाओं द्वारा लोक नृत्य, लोक गीत व नाटिका प्रस्तुत कर समां बांध दिया। वनवासी महिलाओं द्वारा मंच संचालन करना उल्लेखनीय रहा। राज्य मंत्री देवासी व जिला प्रमुख द्वारा मुक्त कंठ से वनवासी महिलाओं की प्रशंसा की गई। महिला मेले में बाड़मेर के बायतू से महिलाएं पहुंची। बसों के माध्यम से पहुंची महिलाओं ने स्वयं के स्तर पर तीन लाख 70 रुपए व्यय किए। वहीं एम पॉवर द्वारा पांच लाख रुपए व्यय किए गए। बायतू से पहुंची सौ महिलाओं समेत कार्यक्रम में चार हजार आठ सौ महिलाएं मौजूद थी। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष सुरेश सिंदल, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष राजेंद्र गोयल, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष नगाराम देवासी, एम पावर परियोजना निदेशक बृजकिशोर द्रिवेदी, प्रोजेक्ट मेनेजर अरविन्द गोदावत, प्रधान संस्था के प्रमुख विजय स्वाईन, सीएमएस प्रमुख कुमार रंजन, फूड फोर हंगर के प्रमुख वंदना कुमारी, समेत बाडमेर, जेसलमेर, बांसवाडा से भी बड़ी संख्या में स्वयं सेवी संस्थाओ कि महिलाओ सम्मेलन मे भाग लिया।

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