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स्वच्छ भारत आभियान को चुनोती देती नक्की में पसरी गंदगी, पालिका जान के भी अनजान

स्वच्छ भारत आभियान को चुनोती देती नक्की में पसरी गंदगी, पालिका जान के भी अनजान

विश्व प्रसिद्ध नक्की झील बनी प्रदूषण का शिकार, किनारों पर जमा हुई गहरी हरी-हरी कॉई की मोटी मोटी परतें, नक्की झील पर भ्रमण करने जाने पर आती है, दुर्गन्ध | स्थानीय लोग सैलानी दुर्गन्ध से हो रहे हैं परेशान , नगर पालिका प्रशासन जान कर भी बना हुआ हैं अनजान। माउण्ट आबू का ताज चढ़ गया काई की भेंट । देश के प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान की खुल्लें आम तौहीन । नक्की लेक को पर्वतीय पर्यटन स्थल माउण्ट आबू का ताज का माना जाता है। और आपको यकीन नहीं होगा कि,पूरें राजस्थान में यह ही एकमात्र झील है, जो प्राकृतिक रूप से बनी हुई है। लेकिन आज इस पर्वतीय पर्यटन स्थल माउण्ट आबू के, ताज नक्की झील में जो गंदगी समाहित हो रही है, पानी के ऊपर में गहरी मोटी-मोटी बदबू मारती हुई काई की जो तस्वीरें आप देख रहें हैं,वह राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के साथ-साथ में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत के अभियान की तौहीन नजर आ रही है। जहा देश भर में प्रधानमंत्री मोदी घूम-धूम कर के स्वच्छता का संदेश व संसाधन दे रहे हैं। बकायदा स्वच्छता के लिए राज्य सरकार से लेकर के केन्द्ग सरकारें टेक्स सेंस के रूप में ले रही है। लेकिन उसके बाद भी यह आलम एवं ऐसे बुरें हालात व ऐसी गहरी जमी हुई काई की तस्वीरें माउण्ट आबू के स्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन समेत राजस्थान सरकार के ऊपर अनैक प्रश्न खड़ें करती है कि, वह सब कुछ जानकार भी आखिर अनजान क्यों बने हुई है ? केवल बात यहीं नहीं कि,सिरोही के जिला क्लक्टर से लेकर स्थानीय प्रशासन के सभी जिम्मेवार अधिकारियों को लोगों ने स्वच्छता एप पर इस प्रकार नक्की झील दुर्दशा का शिकार बन रही तस्वीरों को भेजा है। अपितु जब जिला क्लक्टर माउण्ट आबू में आते है तो वे इसी नक्की झील के ऊपर बनें राजस्थान सर्किट हाउस के कॉटेज में ही रूकते हैं। ओर सामने से नक्की झील के पीछे का भाग बिल्कुल साफ नजर आता है। लेकिन उसके बाद भी यह आलम ओर ऐसे हालात,सभी प्रशासनिक अधिकारियों की नाकारापन को ही प्रदर्शित कर रहे हैं। गौर तलब है कि प्रतिवर्ष माउण्ट आबू में लाखों गुजराती व देशी विदेशी सैलानी भ्रमण पर आते हैं। और माउण्ट आबू में आने वाला प्रत्येक सैलानी नक्की झील नहीं आए ऐसा हो नहीं सकता। सोचिए जब गुजरात के साथ साथ में देश के अन्य जगहों से सैलानी एवं विदेशी सैलानी यहां पर आकर के ऐसी तस्वीरें देखते है। जिसकी कि,उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी तो आखिर वे अपने देश में इस माउण्ट आबू की बेहद गंदी,सड़ी हुई बदबू मारती,पॉल्यूशन का विस्तार करती नक्की झील की छवि अपने साथ ले जाकर के इस भारत देश की कैसी छवि अपने देश में पेश व प्रस्तुत करते होगें। आशा है इस खबर के बाद पालिका तुरंत प्रभाव से पावन नक्की झील की सफाई युद्ध स्तर पर आरम्भ करे और जल्द से जल्द पर्यटकों व आम जनता को बदबू व गंदगी से छुटकारा मिला |

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