New Elected Chairman Sunil Acharya in Action, Working Effectively Impressive.
Weather in Mount Abu - Calm in Noon, Mild cold in Night
अब एम्.आर.पी पर नहीं दुकानदार के अनुसार वसूले जा रहे है दाम
- सैलानियों को सबसे ज्यादा राज्य में आकर्षित करनेवाली यह नगरी अपनी बदहाली के आंसू रो रही है। राज्य के मुख्य मार्ग के कई दिनों से अवरुद्ध होने की वजह से यहां टैक्सी, दूध आदि के दाम आसमान छू रहे है साथ ही खाने पीने के चीजों की कमी के चलते उनके दाम की कोई सीमा नहीं,
- पिछले 27 जुलाई से शहर के अनेक इलाके अंधेरे में डूबे हुए है । स्थानीय लोगों को नहीं पता कि बिजली कब आएगी।
- माउंट आबू में संचार और बिजली की सारी व्यव्स्था पूरी तरह से ठप है। बारिश के चलते । माउंट आबू और आबूरोड के बीच पेड़ गिरने और सड़के भी धंस गई है।
- माउंटआबू का मुख्य मार्ग खोला जरूर गया है लेकिन अभी भी बड़ी गाड़ियां नहीं आ जा रही है। राज्य में 15 से 17 जगह रास्तों पर खतरनाख गड्ढे दिख रहे है। माउंटआबू के इन रास्तों में लगभग 600 से 700 पेड़ गिरे हुए है।
- ओरिया ग्राम पंचायत के उप सरपंच की अगुवाई में लगभग 70 पेड़ों को रास्ते पर से काटकर हटाया गया है।
- राज्य सरकार की तरफ से इन सड़कों के मरम्मत के लिए कोई बजट अभीतक नहीं आया है। इन मार्गों पर सीआरपीएफ के प्लाटून काम कर रहे है। लेकिन आवाजाही कब तक सामान्य हो पाएगी इसके बारे में प्रशासन मौन साधे हुए है।
- आबू विकास समिति की अध्यक्ष खुद राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया है लेकिन उन्होंने अबतक माउंटआबू को राहत देने के लिए किसी भी बजट का ऐलान नहीं किया है।
- प्रशासन और सरकार की बेरुखी का आलम यह है कि यहां के स्थानीय निवासी ही सड़कों पर गिरे पेड़ को काटकर हटा रहे है। साथ ही इस बारिश की वजह से जरुरी चीजो की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।
- माउटंआबू में 1990 के बाद बारिश का रिकार्ड टूट गया है। जून और जुलाई में यहां 1623 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि सिर्फ अकेले जुलाई के महीने में यहां 1422 मिलीमीटर बारिश हुई है।
- इसका सबसे ज्यादा नुकसान यहां के कई मकानों को भी हुआ है। पहले से जर्जर ये मकान पानी की वजह से और जर्जर हो गये है। अब ऐसे में इन मकानों को मरम्मत की अनुमति नहीं मिली तो इनकी छतें कभी भी गिर सकती है।
अवैध रूप से मकानों के निर्माण और मरमम्त पर पाबंदी की मार झेल रहा माउँटआबू के लिए यह बारिश बड़ी मुसीबत बनकर आई है।
- 35 हजार के करीब आबादी वाले शहर माउंट आबू में लगभग 5 हजार मकान है ओरिया ग्राम पंचायत में जहां 150 मकान को क्षति पहुंची है तो माउंटआबू में 1000 से ज्यादा मकानों को नुकसान पहुंचा है।
- अब इन मकानों में रहनेवाले लोगों को यह डर सता रहा है कि बारिश ऐसी होती रही तो मकान कभी भी गिर सकते है। उनका यह डर स्वाभाविक है क्योंकि माउंटआबू के लोगों को लगभग 20 साल से मकान निर्माण या मरम्मत की अनुमति अवैध पाबंदी और अन्य कारणों से नहीं मिल रही है जिसका खामियाजा वह लंबे समय से भुगत रहे है।
*अगर किसीके घर में कोई कोई प्राकर्तिक आबदा से नुक्सान हुआ है तो उसकी सुचना पटवारी या सचिव को जरुर दर्ज करावे |
- साथ ही यहां के सात मार्ग बेहद खतरनाक स्थिति में है जिनका तुरंत मरम्मत नहीं किया गया तो खतरनाक हादसा हो सकता है क्योंकि यह मार्ग खाई की तरफ तेजी से झुक रहे है। कई जगहों पर चट्टाने गिर गई है जिससे मार्गों को बेहद नुकसान पहुंचा है ।
देलवाडा में बिजली सेवा न मिलने से निराश महिलाए JVVNL के दफ्तर पहुंची, महिलाए बिजली सेवा न मिलने के कारण अनेको घरेलु परेशानियों का सामना कर रही है, और आपनी परेशानिया लेकर वे एस.डी.एम् के दफ्तर भी पहुंची |
Courtesy: Anil Areean, Rohit Agarwal, Shailesh Patel, Peshwani Lal