श्री प्रसाद के अकादमी के मुख्य परिसर में आगमन होने पर अकादमी के अधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया तथा साथ ही उन्हें अकादमी में चलाये जा रहे विभिन्न प्रकार के कोर्सो व पाठयक्रमों तथा अन्य प्रषिक्षण व प्रषासनिक कार्यो के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया। तदोपरान्त सर्वप्रथम महानिदेषक महोदय ने अकादमी के क्वार्टर गार्ड का निरीक्षण किया। उसके उपरांत नवीनीकृत सर कानिटकर हॉल का उद््दघाटन किया। संवाददाता सम्मेलन पर आयोजित मॉक एक्सरसाईज को देखा। अकादमी के विभिन्न भू-सम्पत्तियों का भी निरीक्षण किया तथा जवानों के कल्याण के संबंध में भी अकादमी की प्रतिबद्धता की भूरि-भूरि प्रषंसा की।
अकादमी के अधिकारियों व जवानों को संबोधित करते हुए महानिदेषक महोदय ने अकादमी के निदेषक श्री भूपत सिंह चौहान के नेतृत्व में चलाये जा रहे प्रषिक्षण व अन्य कार्यो की बहुत सराहना की तथा इसे निरंतर बढ़ाने हेतु निर्देष दिये। बल के समक्ष आने वाली चुनौतियों से भी सभी कार्मिकों को अवगत कराया तथा उससे निपटने के लिए सदैव प्रयासरत रहने हेतु आह्वान किया। तत्पष्चात उन्होंने प्रषिक्षु अधिकारियां से भी मुलाकात की और उन्हें भी बल की जिम्मेदारी एवं अपेक्षाओं के अनुरूप सदैव प्रयासरत रहने तथा कुषल व सक्षम नेतृत्व प्रदान करने हेतू निर्देष दिये।
श्री प्रसाद एक दिवसीय प्रवास के दौरान स्थानीय मीडिया से वार्ता करने के दौरान अकादमी के इतिहास एवं के0रि0पु0बल से माउण्ट आबू के गहरे रिष्ते का विषेश उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अकादमी व माउण्ट आबू आकर उन्हें अपार आनन्द व गौरव की अनुभूति हुई है। उन्होंने के0रि0पु0बल की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा बल प्रजातंत्र का सही मायनों में प्रहरी है तथा देष के सामने पेष आ रही सभी प्रकार की चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने में सक्षम है और आगे भी चुनौतियों से यह बल मुकाबला करता रहेंगा । श्री प्रसाद ने अकादमी में चलाये जा रहे प्रषिक्षण कार्यक्रम का विषेश उल्लेख करते हुए काह कि यह अकादमी प्रषिक्षण की उत्कृश्ट मापदण्डों को बनाये रखते हुए निरंतर आगे बढ़ रहा है तथा देष एवं के0रि0पु0बल के अधिकारियों को कुषल व सक्षम नेतृत्व क्षमता प्रदान कर रहा है। अकादमी अपने अथक प्रयासों से अपने ध्येय “ज्ञानेन साध्यते षक्तिः“ को जीवंत व चरितार्थ करने में सफल रहा है। उन्होंने माउंट आबू के निवासियों को भी खुषहाली एवं सुखद भविश्य हेतु शुभकामनाएं व्यक्त की।