बुरा न मानो होली है, आबू के चर्चित की चर्चा आबू वासियों की ज़ुबानी
बुरा न मानो होली है, आबू के चर्चित की चर्चा आबू वासियों की ज़ुबानी
साहब अरविन्द पोसवाल - इन्साफ होगा बराबर होगा।
साहब सरवन कुमार - ॐ शान्ति ॐ
साहब राम सिंह जी - ना मुन्ना ना।
सुरेश थिंगर - आबू के प्यार में।
नारायण भाटी - अपने अलग है ठाट |
ईश्वर चंद्र डागा - बंगला बने न्यारा।
सौरभ गांगड़िया - नो उल्लू बनाविंग।
सुधीर जैन- सरकार अपनो की है।
गौरव गोयल - मंदिर वहीँ बनाएंगे।
गजेन्द्र रावल - मेरा भारत महान।
देवी सिंह देवल - चिड़िया उड़ गयी।
दिलीप माथुर - तेरे नाम का।
लक्षमण प्रजापत - मैं क्या करू राम मझे बुढा मिल गया।
महेंदर परमार - बुलेट बाबा |
प्रवीण सिंह परमार - हम भी खेलेंगे।
प्रदीप एवं अभय अग्रवाल - चल भाई गंगा के तीर तुझे क्लेम मिलेगा।
अनिल एरन - साब से बात हो गयी।
संजय आबू टाइम्स - सबसे तेज
कैलाश गोयल - मुझे तो मालुम था।
देवेन्द्र भंडारी - हमें क्या लेना देना।
भरत जैन - पिछले जन्म का बदला।
संजय सिंहल - विचार विमर्श चलता है।
देवेन्द्र जानी - लीला महादेव री।
युसूफ खान - भरत दियो वनवास
मांगी लाल काबरा - नगर पालिका रहूँगा मैं घर नहीं जाऊँगा मैं।
छोटे लाल - फालूदा बनाएं।
रिंकू अग्रवाल - समा राम जी जिंदाबाद।
अवतार भाई - फोटो भिजवा देना।
सुनील आचार्य - हद हो गयी यारों।
किशन वासवानी - मेरा घोडा दिल्ली में दौड़ता है।
विकास अग्रवाल - सहंशाह |
दिलीप टांक - आपाँ के।
महेश अग्रवाल - अपना भी एक सपना है
अक्षय लालवानी - उद्धव जी ने बोला है।
जालम गिरी - रुस्वा न करो ऐसे हमें।
भरत लालवानी - जीत गया चौहान।
अरुण जैन - रोड पोत दूंगा।
संजय रावल - मिस्टर इण्डिया।
नरसा जी - स्वयंभू लाल बत्ती
शोभा भाई - राज को राज रहने दो।
भारत सिंह राठौड़ - रास्ता साफ़ है।
जीतेन्द्र आचार्य - यही है जज साब यही है।
उपरोक्त व्यंग होली के उपलक्ष में हमारे श्रोताओ द्वारा भेजे गए है, सभी नाम काल्पनिक है अथवा इनका किसी व्यक्ति विशेष से कोई तालुक नहीं, अगर कोई नाम किसी से जुड़ता है तो इसे महज़ एक इत्तफाक माना जायेगा