कार्यकर्ताओ ने नारो में गली गली में शोर हे ईओ, चेयरमेन चोर हे, सुरेश सिंदल होश में आओ होश में आकर बात करो जैसे नारो से अपना विरोध प्रकट किया। धरना प्रदर्शन को लेकर आज सुबह से ही पालिका कार्यलय में भी गेमा गहमी बनी रही इस बिच पालिका अध्यक्ष व उनके साथियो ने पार्षद किरण रेगर को समझा बुझा कर धरने से उठाने का प्रयास किया परन्तु रेगर लिखित आस्वासन एवं लिखित माफी नामे पर ही अड़े रहे ओर आखिरकार लिखित समझौते से ही धरने का समापन हुआ इस अवसर पर पालिका पार्षद अमित साबरिया,उपाध्यक्ष गणेश आचार्य ,हरीश गुप्ता ,अजय वाला ,दीपक राणा,पूर्व पालिका अध्यक्ष अर्जुन सिंह सहित दर्जनों जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
लिखित मांफी के बाद हुआ समाप्त धरना नगर पालिका के बहार पार्षद करण रेगर व वार्ड वासीयों द्वारा दिये जा रहे धरने पर मोजूद पालिका अध्यक्ष व अन्य भाजपाईयों ने पार्षद को समझाकर धरना समाप्त करने को कहा लेकिन किरण रेगर के नही मानने व पालिका अध्यक्ष सुरेश सिंदल के लिखित मे माफी सहित अन्य विकास कार्य करवाने पर ही धरना समाप्त करने को कहा काफी देर तक चली समढााईस के बाद पालिका अध्यक्ष सुरेश सिंदल को पार्षद सहित वार्ड वासीयों के आगे झुकना पडा ओर लिखित मे माफी के साथ विकास कार्य करवाने का देना पडा तग कहा जाकर धरना समाप्त हुआ।
भाजपा बोर्ड पर भाजपा पार्षदों ने ही लगाये आरोप नगरपालिका के बहार भाजपा पार्षद किरण रेगर द्वारा दिये जा रहे धरने के समर्थन मे भाजपा के अन्य पार्षदो के भी आ जाने से माहोल ओर गर्मा गया ओर सभी भाजपा पार्षद पालिका अध्यक्ष सुरेश सिंदल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुये कहते नजर आये की जब प्रदेश मे भाजपा सरकार है भाजपा का बोर्ड है फिर भी भाजपा के पार्षदो का कार्य नही हो रहा है उन्है अपने कार्य के लिये धरना प्रदर्शन सहित पुतला दहन करना पड रहा है तो बाकि के वार्डो का तो किया हाल होगा यह सभी समझ सकते है। भाजपा के पार्षद अमित सांबरिया, अमरसिंह, दीपक राणा, मोहनराणा, गणेश आचार्य,हरीश गुप्ता,मनोनित पार्षद अजय वाला ने पालिका अध्यक्ष सुरेश सिंदल की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुये कहा की हम जिस विकास के नाम पर पार्षद बन कर आये है वो सभी पालिका अध्यक्ष कि हठधमिटता के कारण भाजपा की प्रदेश सरकार के साथ हमारा भी नाम खराब हो रहा है।