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इतनी भी जल्दी क्या थी मोदी जी; पढ़े 500, 1000 नोट के बंद होने से जुडी कुछ दिलचस्प बाते

इतनी भी जल्दी क्या थी मोदी जी; पढ़े 500, 1000 नोट के बंद होने से जुडी कुछ दिलचस्प बाते

8 नवम्बर 2016 को सूरज ढलने के साथ जब नरेन्द्र मोदी ने मीडिया के जरिये भारत वासियों को संबोधित करते हुए मध्य रात्रि से 500 व 1000 के नोट के संचालन का क़ानूनी रूप से बंद होने का एलान किया तो लोगो के होश उड़ गये, लेकिन जब हर न्यूज़ चैनल पर यही खबर चल रही थी तो लोगो ने नोटो को ठिकाने लगाने के बारे में प्लानिंग करना शुरू कर दिया |

 

यह निर्णय रहे अहम

- अब क़ानूनी रूप से पांच सो व हज़ार के नोट के संचालन पर प्रतिबंध - हवाई अड्डे, रेल, बस स्टेशन, सरकारी हस्पताल, दवाई की दुकान, सीएनजी व पट्रोल पंप पर पुराने नोट पर 11 नवम्बर की रात 12 तक प्रतिबन्ध नहीं - 9 व 10 नवम्बर को बंद रहेंगे एटीएम - 9 नवम्बर को बंद रहेंगे बैंक व पोस्ट ऑफिस - 10 नवम्बर से 30 दिसम्बर 2016 तक बैंक व पोस्ट ऑफिस में पुराने नोट को खाते में जमा कराके नए नोट निकाले जा सकेंगे - 11 नवम्बर से रोजाना 2 हज़ार तक ही रूपये निकालने की होगी अनुमति - आने वाले समय में 2 से 4 हज़ार तक बढ़ा दी जायेगी एटीएम लिमिट - 500/- व 1000/- नोट पर ही होगा प्रतिबन्ध बाकी सभी तरह की राशी पर कोई प्रतिबन्ध नहीं - शुरुआत में प्रतिदिन 10,000 व प्रति हफ्ता 20,000 की राशी ही निकाली जा सकेगी - अगर 30 दिसम्बर तक पुराने नोट नहीं जमा करा सके तो, रिज़र्व बैंक की निर्धारित शाखाओ पर एक घोसना पत्र के साथ 31 मार्च 2017 तक जमा कराये जा सकेंगे - चेक, ऑनलाइन ट्रांसफर, ड्राफ्ट आदि पर किसी तरह का कोई प्रतिबन्ध नहीं

 

मोदी जी के इस निर्णय से जुडी कुछ दिलचस्प बाते :-

- रात को पांचसो व हज़ार रुपयों के नोट लेकर लोग बाज़ार में खुले व कुछ खरीद दारी के बहाने नोट निकालते नज़र आये - सभी उधार अब चुकता होने मे समय नहीं लगेगा, हो सकता है लोग एडवांस पेमेंट भी करदे - सभी नोकर, बच्चो व अन्य लोगो के वर्षो से खाली पड़े अकाउंट अब सेठो के पैसा गुमाने के कार्य में होंगे उपयोग

 

इन्हें लगेंगे भारी झटके :-

- मेडिकल व अन्य कॉलेज में लाखो रूपये डोनेशन के नाम पर बटोरे जाते है, अब वह करोड़े में जमा इस धन को कैसे सफ़ेद करेंगे

क्या होंगे फायदे :-

- काला धन जमा करके बेठे लोगो को भारी झटका - आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोग - जाली नोट का कारोबार करने का बंटाढेर - आंतकवाद के खिलाफ एक बड़ा और सफल कदम

 

इस बड़े फेसले के पीछे संभावित कारण :-

- हो सकता है बड़े पैमाने पर नकली नोट बाज़ार में संचालित किये गए हो - लोगो के पास जमा काला धन को बहार निकालने की कोशिस - सर्जिकल स्ट्राइक के बाद रोज़ाना बढ़ रही आतंकी गतिविधियों पर काबू पाने हेतु

क्या रही त्रुटिया :-

- बार बार "वर्तमान में जारी 500 व 1000 के नोट सिर्क कागज़ के टुकड़े के सामान रह जायेंगे" यह बात बोलकर लोगो में यह डर बैठ गया शायद अब उनके नोट किसी काम के नहीं रहे | हो सकता है इसके पीछे मोदीजी अतंकवादियो को चुनोती दे रहे हो लेकिन इसका उल्टा प्रभाव आम लोगो पर पड़ा है |