नक्की लेक, माउंट आबू में हजारो मछलिया मोत के घाट चडी


| November 27, 2014 |  

27/11/2014 माउंट आबू, गलती इंसान की भुगते बेजुबान मछलिया, नक्की झील में हुई बेहद निराशापूर्ण गटना, अचानक हजारों मछलियों का मरना लोगों को हैरान कर गया। लोगों की समझ से यह परे है कि यह कैसे हुर्इ। कुछ लोगों के मुताबिक यह झील धीरे-धीरे प्रदूषण का शिकार होती जा रही है जिससे मछिलियां मरी हुर्इ पार्इ गर्इ है। कुछ का यह भी कहना है कि बढ़ती सर्दी की वजह से यह मरी है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है इसलिए इन बातों में बहुत वजन नजर नहीं आ रहा है।

माउंटआबू के नक्की झील अचानक बदबू की झील उस वä बन गर्इ जब हजारों की तादाद में छोटी मछलियां मरी हुर्इ पार्इ गर्इ। गौर हो कि नक्की झील शहर का सबसे खूबसूरत टूरिस्ट स्पाट है जहां सैलानी बोटिंग करने का मजा लेते है। अचानक हुर्इ हजारों की तादाद में मछलियों की मौत का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है लेकिन नगरपालिका प्रशासन का मानना है कि माउन्ट आबू में आज अचानक तापमान गिरा है और न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रहा है इससे पिछले वर्ष भी मछलिया मरी थी लेकिन इस वर्ष ज्याता तादाद में मछलिया मरने के कारण को प्रशासन पता लगा रहा है।

इस बीच प्रशासन ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए इसकी जांच कराने की बात कही है। ये मछलियां मरने के बाद झील के ऊपर आ गर्इ जिससे आसपास बदबू आने लगी है। नगर पालिका आयुä विजय दास चारण ने इसकी जांच की बाद कही है और कहा है कि नक्की झील परिसर को साफ कराया जाएगा। लेकिन ये मछलियां कैसे मरी इसपर अबतक कोर्इ ठोस कारण नहीं मिल सका है। लेकिन प्रशासन को इससे सबक लेना होगा। नक्की झील तीन किलोमीटर में फैला हुआ है और उसकी गहरार्इ 135 फीट है। नक्की झील में वोटिंग से नगर पालिका को भारी आय हासिल होती है जो सालाना 2 से तीन करोड़ रुपए ठेके के रूप में हासिल होती है।



News Courtesy: Anil Areean
Edited by: Er. Sanjay

 

 

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