माउंट आबू का दिलवाड़ा जैन टेम्पल सेवेन वंडर्स या वर्ल्ड हेरीटेज की लिस्ट में हो शामिल: कल्पना सरोज


| August 9, 2018 |  

दिलवाड़ा जैन मंदिर के दुनिया वर्ल्ड हेरीटेज में शामिल कराने को लेकर जानीमानी उद्योगपति कल्पना सरोज की मुहिम रंग लाती दिख रही है। देश की जानीमानी उद्योगपति कल्पना सरोज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस सिलसिले में मुलाकात की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी इस मुहिम की सराहना की है और इससे संबंधित विभाग को इस संदर्भ में निर्देश जारी किए है। कल्पना की प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात से माउंटआबू के लोगों में खुशी की लहर है। अब यहां के लोगों को इस बात की उम्मीद जगी है कि दिलवाड़ा जैन मंदिर विश्व के एतिहासिक धरोहरों में शामिल हो सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र को कल्पना सरोज ने चिट्ठी सौंपी और इस पत्र में उन्होने उन कारणों को गिनाए है और कहा है कि इस वजह से यह मंदिर कलाकृति और सौंदर्य के पैरामीटर पर अद्भुत है और यह वर्ल्ड हेरीटीज यानी दुनिया की धरोहरों की सूची में शामिल होने के लिए पूरी तरह डिजर्व करता है। उन्होंने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा था। जिसके बाद पीएमओ की तरफ से उन्हें बुलाया गया।

वह मोदी से मिली और उन्होंने अपने पत्र के साथ अपनी मांग रखी इस दिशा में कुछ कदम उठाने को कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया और इससे संबंधित विभाग को निर्देश दिया और कहा कि दिलवाड़ा जैन मंदिर को वर्ल्ड हेरीटीज की लिस्ट में शामिल कराने के लिए भेजा जाना चाहिए। गौर हो कि लंदन में जहां बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर रहे थे उस भवन की नीलामी हो रही थी। तब कल्पना सरोज ने तत्कालीन प्रधानमंत्री से मिलकर उसे भारत सरकार को खरीदने की राय दी थी। तब भारत सरकार ने 40 लाख डालर में उस भवन को खरीदा जहां लंदन में बाबा साहेब अंबेडकर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात का जिक्र करते हुए कल्पना सरोज की सराहना भी की।

कल्पना सरोज की इस पहल से माउँटआबू के लोगों में खुशी की लहर है। अब यहां के लोगों को भी लगने लगा है कि 1100 साल पहले बना दिलवाड़ा अब वर्ल्ड हेरीटेज की लिस्ट में शुमार किया जाना चाहिए। गौर हो कि माउंटआबू में स्थित दिलवाड़ा जैन मंदिर अद्भुत कलाकृति से लबरेज एक बेहद खूबसूरत मंदिर है जिसे राजस्थान का ताजमहल भी कहा जाता है। 1100 साल पुराना यह मंदिर यूं तो देश और दुनिया में अपनी अप्रतिम खूबसूरती के लिए जाना जाता है लेकिन इसे अबतक वो पहचान नहीं मिल पाई है जो मिलनी चाहिए। दरअसल यह मंदिर कलाकृति और सौंदर्य के पैरामीटर पर अद्भुत है और यह वंडर आफ द वर्ल्ड ,सेवेन वंडर्स आफ द वर्ल्ड या फिर वर्ल्ड हेरीटेज की लिस्ट में शामिल होने के लिए पूरी तरह डिजर्व करता है।

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