भारतीय सेना और ब्रह्माकुमारीज संस्थान दोनों का एक ही लक्ष्य, देश में अमन-शांति का संदेश: सेना प्रमुख रावत


| December 30, 2018 |  

-आबूरोड के ब्रह्माकुमारीज संस्था में आयोजित शहीदों के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में लिया भाग

– ब्रह्माकुमारीज के लक्ष्य को यूनाइटेड नेशन ने भी सराहा है और मैसेंजर ऑफ पीस के सम्मान से नवाजा

सिरोही.सेना प्रमुख बिपीन रावत ने कहा कि भारतीय सेना व ब्रह्माकुमारीज संस्था दोनों का एक ही लक्ष्य है। देश में अमन-शांति बनी रहे। इसके लिए दोनों कार्य कर रहे। यह बात सेना प्रमुख ने आबूरोड के ब्रह्माकुमारीज संस्था में रविवार को आयोजित शहीदों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि आंतकवाद और नस्लवाद से लडने के लिए देश की सेना हमेशा तत्पर है। देश में अमन-शांति की स्थापना करने के लिए हमारी सेना सीमा पर जिस तरह से कार्यवाही करती है ठीक उसी तरह अमन और चैन के लिए ब्रह्माकुमारीज संस्था एक ही लक्ष्य के साथ कार्यरत रहती है।

ऐसा मानता हूं कि हमारी देश के जवान और ब्रह्माकुमारीज में यहीं सबसे बड़ी समानता है कि दोनों देश में शांति का संदेश देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जवानों की तत्परता और सेना के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि मां और मातृभूमि की सेवा करना यानी स्वर्ग की प्राप्ति होना। हर किसी को ऐसा सौभाग्य नहीं मिलता है। ब्रह्माकुमारीज के लक्ष्य को यूनाइटेड नेशन ने भी सराहा है और मैसेंजर ऑफ पीस के सम्मान से नवाजा है। ऐसे में सेना और ब्रह्माकुमारीज दोनों को हाथ मिलाकर चलना चाहिए।

यही नहीं उन्होंने संस्था से इस शांति के दीए को देश में रोशन करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलने की भी गुहार लगाई है। इससे पूर्व शहीद की पत्नी अमिया देवी का सेना प्रमुख व संस्थान के पदाधिकारियों ने सम्मान किया। शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए एक मिनट का मौन रखा।

सेना प्रमुख ने दादी जानकी से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछी
कार्यक्रम के बाद सेना प्रमुख व उनकी पत्नी मधुलिकासिंह ने संस्था प्रमुख राजयेागिनी दादी जानकी से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछी तथा काफी देर तक चर्चा की। जिस पर दादी ने विश्व शंाति के लिए प्रेरित किया। शहीद विधवा को किया सम्मानितरू कार्यक्रम के दौरान जीरावल के शहीद चेताराम की पत्नी अमिया देवी को शॉल और मोमेंटों भेंकर सम्मानित किया। इससे पूर्व मानपुर हवाई पट्टी पर सेना प्रमुख का सेना के अधिकारियों तथा ब्रह्माकुमारीज संस्था के सूचना निदेशक बीके करूणा, बीके भरत, बीके मृत्युंजय, बीके बनारसी ने स्वागत किया।

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